Xxx डिजायर स्टोरी में मैं पापा के चाचा के घर गया. वहां पापा की चचेरी बहन मेरे से खुल कर बात कर लेती थी. बुआ ने बताया कि वह अभी अपने बॉयफ्रेंड से चुदकर आई है.
दोस्तो, कैसे हो आप सब.
मैं आशा करता हूँ कि आप सभी लोग खैरियत से होंगे और सेक्स के मजे ले रहे होंगे.
मेरा नाम विवेक है, उम्र 23 साल है. मैं गुजरात के अहमदाबाद से हूँ.
मेरी बुआ का नाम तेजल है और वे 26 साल की हैं.
यह Xxx डिजायर स्टोरी उन दिनों की है जब मैं अपनी बारहवीं का एग्जाम देकर अपने पापा के चाचा के घर गया हुआ था.
वहां चाची दादी और चाचा बाबा दोनों मुझे आया देख कर बहुत खुश हुए.
और मैं भी उनसे गर्मजोशी से मिला, उनके पैर छुए और घर की बातें बताने लगा.
मेरे पापा और चाचा जी की उम्र में कोई खास फर्क नहीं था, तो मैं उनसे चाचा चाची ही कहता था.
हम सब बातें करने लगे.
बातों के दौरान ही मेरी तेजल बुआ कॉलेज से घर आईं.
वे मुझे देख कर खुश हो गईं.
मैं भी खड़ा होकर उनसे मिलने गया तो उन्होंने मुझे अपने गले से लगा लिया.
मुझे बुआ के सीने से लग कर बहुत अच्छा लगा.
इधर मैं आपको अपनी तेजल बुआ के बारे में कुछ बताना चाहता हूँ.
मेरी बुआ मुझसे सिर्फ तीन साल बड़ी हैं.
वे मुझसे बहुत खुली हुई हैं.
वे मुझसे अपनी सभी किस्म की बातें शेयर करती हैं.
यहां तक कि वे मुझसे सेक्सी और डबल मीनिंग वाली बातें करने में भी संकोच नहीं करती हैं.
यानि हमारे बीच सब कुछ खुला हुआ है.
वैसे मेरी बुआ इतनी भी ज्यादा खूबसूरत नहीं है पर उनका कसा हुआ फिगर ऐसा है कि कोई भी उनको चोदने के लिए तैयार हो जाएगा.
तेजल बुआ से मिलने के बाद हम सब ने मिलकर खाना खाया.
बाद में बुआ के मम्मी पापा आराम करने चले गए और हम दोनों हॉल में टीवी देखने लगे, साथ ही आपस में बातें करने लगे.
बुआ ने अपनी दोनों टांगें ऐसे फैला रखी थीं मानो वे अपनी चुत को हवा खिला थी हों.
बातों ही बातों में मैंने उनकी एक जांघ पर हाथ रखा दिया और जांघ को दबाने लगा.
उन्होंने देख तो लिया था लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं जताई.
उनकी इस बात से मुझे हिम्मत मिली और मैं उनकी जांघ को सहलाते हुए उनसे बातें करता रहा.
मैं- आपका काम (चुदाई) लास्ट में कब हुआ था?
बुआ ने एक आंख दबाई और मुस्कुरा कर बोलीं- अभी एक घंटे पहले ही निपट चुकी हूँ.
मैंने आश्चर्य जताते हुए कहा- अरे क्या बात कर रही हो यार … एक घंटे पहले ही लिया है क्या?
बुआ- हां!
मैं- तो फिर आप तो थक गई होंगी , लाओ मैं आपके पैर दबा देता हूँ!
बुआ- ओह रियली?
मैं- हां बुआ, सच में मैं आपके पैर दबा देता हूँ!
बुआ- ठीक है, दबा दे बच्चे. तुझे खूब सुंदर और सेक्सी बीवी मिले.
मैं हंस दिया.
उनसे बातें करते करते अब मैं उनके पैर दबाने लगा.
बुआ मुझसे पूछने लगीं कि अभी तक कोई गर्लफ्रेंड बनाई है या नहीं?
मैंने उन्हें ना बोलते हुए बताया कि मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है.
उस समय मेरी बुआ ने एक पतली सी टी-शर्ट पहनी हुई थी.
थोड़ी देर बाद उनकी आंख लग गई और मैं उनकी टी-शर्ट से के अन्दर देखने की कोशिश करने लगा.
मुझे उनके दूध के निप्पल उभरे हुए दिखाई दे रहे थे.
मेरे मन में आया कि मैं उन्हें छूकर देख लूं और यदि अवसर मिले तो उन्हें चूस भी लूं … पर मुझे डर था कि यह सब करने से बुआ मुझसे कहीं गुस्सा ना हो जाएं.
फिर यही सब सोचते सोचते मेरा लंड खड़ा हो गया और मेरे दिमाग़ ने काम करना बंद कर दिया था.
मेरा दिल जोर जोर से धड़क रहा था, मेरी Xxx डिजायर बढ़ रही थी और मैं सोच रहा था कि ऐसा क्या करूं कि मेरे लौड़े को बुआ की चुत चोदने मिल जाए.
अंततः मैंने हिम्मत करके पैर दबाते हुए एक हाथ से उनकी चूची को छुआ.
तो उनकी तरफ़ से कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई.
यह देख कर मैंने उनके दूध पर हाथ का दबाव बढ़ाया लेकिन तब भी बुआ की तरफ से कोई हलचल नहीं हुई.
मैं समझ गया कि पक्का आज बुआ की चुत सही से नहीं चुदी है इसलिए वे मेरे साथ मजा लेने की सोच रही हैं.
मैंने अब बेझिझक उनके दूध को मसलना शुरू कर दिया.
साथ ही मैं अपने दूसरे हाथ को उनकी चूत पर ले गया और चुत को टटोला.
वे प्लाजो पहनी थीं तो उसके ऊपर से ही चुत को टटोलने से पता चला कि उन्होंने पैंटी तो पहनी ही नहीं है.
यह सोच कर मैंने ऊपर ध्यान देते हुए दूध के निप्पल को मींजा तो समझ आया कि मम्मों के ऊपर ब्रा भी नहीं है.
मेरा हाथ उनकी चुत को रगड़ने लगा.
जल्दी ही उनकी चूत वाली जगह गीली हो गई थी.
मैंने अपना हाथ उनके इलास्टिक वाले प्लाजो के अन्दर कर दिया जो सीधा चूत पर जा लगा.
उनकी चुत एकदम लिसलिसी तो थी ही और झांटों का नामोनिशान नहीं था.
उनकी चूत एकदम सफाचट थी.
शायद बुआ ने आज ही चुदने जाने के प्रोग्राम के वजह से शेव की हुई थी.
अब मैंने एक उंगली बुआ की चूत के दाने पर घुमाई, तो बुआ के मुँह से सिसकारी निकल गई.
बुआ अभी तक आंखें बंद करके लेटी हुई अपने होंठों को दांतों से काट रही थीं और दबी जुबान से कामुक सिसकारियां भर रही थीं.
दाने के बाद मैंने उंगली चूत के अन्दर पेल दी तो उनकी चुत अन्दर से बहुत गर्म थी और एकदम चिपचिपी थी.
अब मैं मस्ती से अपनी उंगली को बुआ की चुत में अन्दर बाहर करने लगा था.
बुआ के मुँह से खुल कर उम्म स्स आअह्ह निकलने लगा था.
मैंने बुआ के मुँह के पास जाकर अपने होंठों को उनके होंठों पर लगा दिया और उन्हें किस करने लगा.
मेरी बुआ भी मेरा साथ देने लगीं और हम दोनों एक दूसरे को किस करने लगे.
मैं एक हाथ से बुआ के दूध को हॉर्न के जैसे दबा रहा था और दूसरे हाथ से उंगली से चूत को खोद रहा था.
करीब पांच मिनट तक चुत में उंगली करने से बुआ का शरीर अकड़ने लगा.
वे मुझसे जोर से चिपक गईं और उन्होंने उत्तेजना में मेरे होंठों को काट लिया.
मुझे बहुत तेज दर्द हुआ तो मेरे मुँह से गाली निकल गई- आह मादरचोद ने काट लिया!
उनकी हंसी छूट गई और वे मेरे लंड को दबा कर बोलीं- साले हरामी!
मैं भी अपनी जीभ से अपने कटे होंठ को चूसने लगा.
अब बुआ अपने एक हाथ से मेरे लंड को सहलाने लगीं.
जिससे मैं बहुत गर्म होने लगा.
मेरा लंड साढ़े सात इंच लम्बा है और लगभग तीन इंच गोलाई वाला है.
बुआ ने जैसे ही हाथ से लंड पकड़ा, उनकी आंखें खुल गईं और वे वासना से लाल तप्त आंखों से मुझे देखने लगीं.
उनके मुँह से निकल गया- बहन के लौड़े, तेरा लंड इतना बड़ा है … और मुझे पता ही नहीं है!
मैंने भी उनके दूध को कपड़े के ऊपर से मुँह में भर लिया और कहा- तो आज अन्दर लेकर सही से पता कर लो!
हम दोनों उस समय हॉल में थे इसलिए चुदाई जैसा कुछ नहीं कर सकते थे.
अब उन्होंने मुझे अपने कमरे में चलने को कहा.
तो हम दोनों उनके कमरे में आ गए.
बुआ ने सबसे पहले कमरे की सब खिड़कियां बंद कर दीं और मैंने दरवाजा बंद कर लिया ताकि हमें कोई दिक्कत ना हो.
अब हम दोनों एक दूसरे से चिपक कर लिप किस करने लगे.
मैंने बुआ को उठाकर बेड पर गिरा दिया और खुद उनकी एक बाजू में लेट कर उनकी चूत में उंगली करने लगा.
अभी कुछ ही देर तक मैंने फिंगर फक किया था कि वे तेज सिसकारी के साथ वापस झड़ गईं जिससे मेरा पूरा हाथ भीग गया.
मैंने हाथ प्लाजो से बाहर निकाल कर उनको दिखाया.
वे मादक नजरों से मुझे देख रही थीं.
मैंने उनके सामने ही अपना पूरा हाथ चाट लिया.
मुझे बुआ की चुत का पानी बहुत स्वादिष्ट लगा.
बुआ बिना पलकें झपकाए यह सब देखती रहीं.
उन्होंने इशारा किया कि अपना लंड बाहर निकालो.
मैंने भी अपना लंड पैंट से बाहर निकाल कर उन्हें दिखाया और हाथ से आगे पीछे करते हुए लंड हिलाने लगा.
बुआ ने लंड को मेरे हाथ से छुड़ा लिया और वे उसे अपने हाथ से हिलाने लगीं.
तभी अचानक से उन्होंने पोज बनाया.
वे बिल्ली के जैसे बैठ गईं और मेरा लंड बिना हिचकिचाए अपने मुँह में भर कर उसे चूसने लगीं.
‘आह ह्ह्ह …’ गजब का सुख मिलता है लंड चुसवाने में.
क्या ही बताऊँ दोस्तो, जन्नत जैसा आनन्द आ रहा था.
मैं अपनी आंखें बंद करके बुआ का मुँह चोद रहा था.
करीब दस मिनट लंड चुसवाने के बाद मेरा लंड झड़ने लगा.
लौड़े से निकला पूरा माल बुआ गटक गईं और उन्होंने मेरे लंड को चाट कर साफ कर दिया.
झड़ कर मैं निढाल हो गया था लेकिन बुआ ने लंड को लगातार चूसा, जिससे मैं बहुत जल्द पूरी तरह से गर्म हो गया था.
मैंने फिर से बुआ को चित लिटाया और उनकी टांगों में मुँह डाल दिया.
बुआ 69 में होने का कहने लगीं. मैंने 69 में होकर अपना लंड बुआ के मुँह में दे दिया तो बुआ फिर से चूसने लगीं.
बुआ मेरे इरादों को जान गई थीं कि आज ये मस्त चुदाई करेगा.
उन्होंने खुद ही अपना प्लाजो उतार कर अलग कर दिया और अपने मुँह से लंड निकाल कर बोलीं- मेरी चुत चूस ले. और अब तो मुझसे बर्दाश्त नहीं हो रहा है, टू मेरी चूत चिकनी करके अपना लंड जल्दी से मेरी चूत में डाल दे और मेरी चुत की गर्मी को शांत कर दे प्लीज … अहह!
मैंने कहा- बुआ आप चुदवा कर आई तो थीं न … तो क्या आपकी गर्मी शांत नहीं हुई थी?
वे गाली देती हुई बोलीं- बहन के लौड़े ने आग बुझाने की जगह भड़का और दी और मुझे अधूरा छोड़ कर झड़ गया साला.
अब तक मेरा भी लंड खड़ा हो गया था इसलिए मैं भी उनकी बात को समझ लिया कि इन्हें जबरदस्त चुदाई की दरकार है.
पहले मैंने उनकी दोनों टांगों को फैलाया और चूत की फांकें फैला कर अन्दर का नजारा देखा तो अन्दर से गुलाबी रंग का बाग दिखाई दे रहा था.
मैंने अगले ही पल अपना मुँह बुआ की चूत पर लगा दिया और चूत को चाटने लगा.
मेरी बुआ एकदम से उछल पड़ीं और मेरे सिर को अपनी चूत पर दबाने लगीं.
मैं अपनी दो उंगलियों से बुआ की चूत चोद रहा था और चाटता जा रहा था.
बुआ- अब बस भी कर कमीने … मुझसे रहा नहीं जाता, जल्दी से पेल कर चोद भी दे मेरे यार प्लीज!
मैं- तो फिर तैयार हो जा रंडी!
इस बात से बुआ हंसने लगीं.
मैंने उनकी दोनों टांगें फैलाईं और अपना लंड मुठियाता हुआ उनकी दोनों टांगों के बीच में आ गया.
मैं उनकी चूत को लौड़े से कुरेदने लगा तो इससे बुआ और ज्यादा मचलने लगीं.
वे मेरे लंड को अपने हाथ में लेकर चूत में घुसेड़ने की कोशिश करने लगीं.
तभी मैंने जोर से धक्का दे दिया.
बुआ की चूत में चिकनाहट कुछ ज्यादा ही थी तो लंड आसानी से अन्दर चला गया.
मेरी बुआ तेज आवाज करती हुई मुझसे जोर से चिपक गईं और नीचे से अपनी गांड उठा उठा कर मेरा साथ देने लगीं.
मैं उन्हें जोर जोर से चोद रहा था और किस भी किए जा रहा था … साथ में दूध भी दबा रहा था.
थोड़ी दर बाद मैंने बुआ को डॉगी स्टाइल में आने का कहा, तो वे फट से कुतिया बन गईं.
मैं उनकी चुत को पीछे से चोदने लगा.
इस बीच बुआ एक बार झड़ चुकी थीं लेकिन मैं अभी तक उनकी चूत फाड़ रहा था.
उन्होंने कहा कि मुझे ऊपर आने दो.
मैंने बुआ की चुत से लौड़ा बाहर निकाला और नीचे लेटने लगा.
वे मेरे लौड़े पर बैठने आ रही थीं तो उनकी चुत से गाढ़ा वीर्य टपक निकला.
वह चादर पर गिरा तो मैंने बुआ को दिखाया.
मैंने मजाक किया- बुआ, तुम्हारा दही निकल रहा है!
वे हंस कर बोलीं- तो रायता बना कर खा ले भोसड़ी के!
फिर उन्होंने बताया कि ये शायद उनके उसी बॉयफ्रेंड का है, जिससे चुद कर मैं बिना चुत धोए घर आ गई थी.
मैंने बिना समय गंवाए अपना बाकी का काम चालू किया और बुआ को अपने लंड पर बिठा कर उन्हें पेलने की तैयारी करने लगा.
बुआ ने मेरा लंड अपने हाथ से पकड़ा और चूत में फिट करके लंड पर बैठ गईं.
लंड चुत में अन्दर तक फिट हो गया था, तो वे अपनी गांड उठा उठा कर चूत चुदवाने लगीं.
साथ ही मेरे सीने पर अपने दूध रगड़ कर मुझे किस करने लगीं.
सच में बड़ा मजा रहा था.
मैंने उनके दोनों दूध चूसे और खूब चूत चोदी.
फिर एक समय आया कि मैं भी अपने लंड का माल बुआ की चुत में झाड़ कर हांफने लगा.
बुआ भी मेरे सीने से लिपट कर तेज तेज सांसें भरने लगीं.
उसके बाद हम दोनों सो गए.
दोस्तो, उस एक चुदाई के बाद मैंने अपनी बुआ को लगभग रोज चोदा.
वे भी मेरे लंड से बड़ी खुश थीं.
यह एकदम सच्ची Xxx डिजायर स्टोरी है, आपको कैसी लगी … प्लीज जरूर बताएं.