डाइवोर्सड गर्ल चुदाई कहानी में मैं मामा के गाँव गया तो वहां एक लड़की बुटिक का काम करती थी, वह मुझे पसंद आ गयी. एक बार उसने मुझसे लिफ्ट मांगी तो मैंने उसे प्रोपोज कर दिया.

मेरा नाम रोहित चौधरी है।
मैं दिल्ली से हूं।
दिखने में ठीक-ठाक सा हूं।

बात उन दिनों की है जब मैं अपने मामा के यहां गया हुआ था।

मेरी एक आदत थी कि मैं किसी का भी काम मना नहीं करता था।

मेरे मामा के घर के साथ ही एक लड़की रहती थी।
उसकी मां ने मेरे मामा से कहा- इसे मार्केट ले जा।

मामा को कहीं जाना था, तो वे मुझे कहकर चले गए।
मैंने हां कह दी जाने के लिए।

फिर मैंने उस लड़की को बाइक पर बिठाकर ले गया जहां उसे जाना था।
हम वहां पहुंच गए।

लेकिन यह डाइवोर्सड गर्ल चुदाई कहानी इस लड़की की नहीं है.

उसे अपना सूट सिलवाना था।
उसने मुझे अपने साथ अंदर आने को कहा।
मैं उसके साथ अंदर गया।

तो अंदर जाते ही मैं दंग रह गया।
वहां जो सूट सिलने वाली थी, क्या गजब लग रही थी!

उसका फिगर एकदम कमाल का था — 28-30-34।
ऐसी लड़की मैंने आस-पास देखी भी नहीं थी।
इतनी कमाल लग रही थी।

मैं सोच रहा था कि इसको यहीं सेंटर में चोद दूं।
उसको देखकर मन तो कर रहा था यहीं चोद दूं, मगर मैंने अपने आप को संभाला और बाहर आ गया।

उसके बाद मेरे साथ गई लड़की भी बाहर आ गई।
मैंने उससे पूछा, “ये कौन है जो वहां बैठी हुई है?”

उसने बताया कि उसका नाम कुसुम है और कहा, “ये हमारे गांव की है।”
मैंने कहा, “अच्छा।”
फिर हम वहां से चले गए।

अगले दिन सुबह उठते ही मैं नहाकर गांव में चक्कर मारने लगा।

मैंने देखा कि लाल सूट में एक गजब की लड़की मुझे लिफ्ट मांग रही है।

मैंने जैसे ही देखा, देखता रह गया।
वह कुसुम ही थी।

उसने मुझे कहा, “आगे जाना है।”
मैंने हां कर दी।

फिर हमारी बात हुई।
उसने मुझसे पूछा, “कहां से हो तुम? गांव में तो पहली बार देखा है आपको।”

मैंने बताया, “मैं अपने मामा के घर आया हूं।”
उसने कहा, “अच्छा।”

तो मैंने पूछा, “आप कहां रहती हो?”
उसने बताया, “आपके मामा के पीछे वाला घर मेरा है।”

मैंने उसे उसकी शॉप पर छोड़ दिया।
जाते वक्त उसने हल्की सी स्माइल के साथ थैंक्स कहा और चलती बनी।

कई दिन ऐसे ही बीत गए।

एक दिन मैंने कुसुम को रास्ते में पकड़ लिया और बोला, “मैं तुमसे प्यार करता हूं।”
उसने कोई रिप्लाई नहीं दिया, बस कहा, “शाम को मिलते हैं।”
मैंने कहा, “ठीक है।”

उसके बाद शाम को हम मिले।

उसने मुझे बताया, “यार, मैं और मेरे पति का तलाक हो रहा है। मैं 2 साल से अपने घर ही रहती हूं। अगर तुझे अब भी मुझसे प्यार है तो बता?”
मैंने उसे गले लगा लिया और कहा, “मैं तुमसे प्यार करता हूं। मुझे कोई दिक्कत नहीं है तेरी इन बातों से।”

उसने मुझे कहा, “Love you!”
और बोली, “आज से मैं तेरी हूं। तुझे जो करना है, वो कर सकता है।”

रात ढलने लगी थी।

मैंने उसे पास खींचा और गहरी किसिंग शुरू कर दी।
वो भी पूरी तरह से साथ देने लगी।

धीरे-धीरे हम दोनों का बदन गर्म होने लगा।

मैंने उसके कपड़े एक-एक करके उतारे।
जब वो पूरी नंगी हो गई तो मैं हैरान रह गया।

उसके बड़े-बड़े चूचे और गोल-मटोल गांड़ देखकर मेरा लंड पहले ही पूरी तरह खड़ा हो चुका था।
दोनों नंगे होकर एक-दूसरे को छूने-चूमने लगे।

फिर मैंने अपना लंड उसके मुंह के पास किया।
उसने बिना हिचकिचाए उसे मुंह में ले लिया और बहुत मजे से चूसने लगी।
उसकी गर्म और नम जुबान मेरे लंड पर घूम रही थी।

बस 10 मिनट में मैं उसके मुंह में ही झड़ गया।

उसके बाद मैंने उसे चट्टान पर लिटाया और उसके पूरे बदन को चूमने लगा।
उसके बड़े चूचों को जोर-जोर से चूसता रहा।
वो कराहने लगी, “ओह ओह… ओअ… मार लो… कर ना… डाल दो… Fuck me!”

मैंने कहा, “आज तू मेरी है! आराम से तेरे सारे छेद पार करूंगा।”
उसने हांफते हुए कहा, “मेरे राजा, मैं 2 साल से प्यासी हूं… मुझे रगड़ दो पूरी तरह… मैं तुम्हारे लंड का संभोग करना चाहती हूं।”

मैंने उसके चूत पर लंड रखा और धीरे-धीरे दबाना शुरू किया।
पहले तो थोड़ा टाइट था लेकिन उसने कमर उठाकर मदद की।

एक जोरदार झटके के साथ मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया।

उसे दर्द हुआ, वो चिल्लाने लगी, “ऊ ऊऊई… आई आईआ ई… ऊऊऊई… मारो… मारो और तेज… जल्दी फाड़ दो… बहुत प्यासी हूं… कर दो… मार लो!”

उसकी चूत मेरे लंड को जोर से पकड़ रही थी।
कुछ ही देर में उसकी देह अकड़ गई और वो जोर से झड़ गई।
मैं भी झड़ने वाला था।

उसने अपना मुंह खोल दिया।
मैंने सारा माल उसके मुंह में उड़ेल दिया।

थोड़ी देर नॉर्मल बात करने के बाद उसने कहा, “2 साल हो गए थे आराम से चुदाई के। आज जाकर मुझे संतोष मिला। तुम्हारे साथ चुदाई करवाकर बहुत मजा आया।”

मैंने मुस्कुराते हुए पूछा, “एक राउंड और करें?”
उसने तुरंत झुककर मेरे लंड को मुंह में ले लिया और जोर-जोर से चूसने लगी।
जल्दी ही मेरा लंड फिर से पूरी तरह तैयार हो गया।

उसके बाद उसने कहा, “जान, आज मुझे ऐसे मारो कि बहुत मजा आए!”
उसने चूत मेरी तरफ करके पैर फैला दिए।

मैंने कहा, “आज चूत नहीं, तेरी गांड़ में डालूंगा।”

उसने पहले मना किया लेकिन बाद में मान गई।

मैंने लंड पर थूक लगाया और धीरे से उसकी गांड़ में दबाया।

जैसे ही लंड का सिरा अंदर गया, वो चीख पड़ी, “दर्द हो रहा है!”
मैं रुक गया।

फिर मैंने उसकी चूत में पुनः लंड डाला और एक तेज झटके में पूरा अंदर कर दिया।
वो फिर से चिल्लाई, “ऊऊई… फ्यूई… ऊऊ ओओ… डियर करूं… आज मिटा दो मेरी जान… पूरा डाल दो लंड अंदर… चोद दो मुझे… मिटा दो मेरी बरसों की प्यास!”

अब उसकी चूत पूरी तरह गीली और ढीली हो चुकी थी।
मैंने तेज-तेज धक्के मारने शुरू कर दिए।
वो बार-बार झड़ रही थी।

जब मैं झड़ने वाला था तो उसने कहा, “अंदर ही चोर दो माल मेरे राजा!”

मैंने पूरी ताकत से उसके अंदर अपना माल भर दिया।

उसके बाद उसने मुझे कहा कि मैं किसी को ये बात न बताऊं।
मैंने वादा किया।

रातभर चुत चुदाई का मजा लेने के बाद हम दोनों ने किस किया, कपड़े पहने और वहां से चल पड़े।

उसके बाद हमने खूब चुदाई की।
अब जब भी मौका मिलता है मामा के यहां जाने का, तो हम रात को चुदाई जरूर करते हैं।

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